
बिलासपुर :- प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के बाद तोरवा में श्री राजा विक्रमादित्य जी का 70 वां मेला उत्सव आरंभ हुआ 21फरवरी से 24 फरवरी तक यह मेला उत्सव चलेगा प्रथम दिवस शाम 5:00 बजे दाल डोढी प्रोग्राम से आरंभ हुआ, रात्रि 8:30 बजे मातृ पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया, 22 फरवरी को दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक भाई ग्वाल दास उदासी जी के द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया गया भाई गोपाल दास भारती वाधवानी जी के द्वारा एक से बढ़कर एक सुंदर सिंधी, हिंदी भक्ति भरे भजनों की शानदार प्रस्तुति दी जिसे सुनकर भक्त जन झूम उठे भाई ग्वाल दास जी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह राजाविर का मेला उत्सव विगत 70 वर्षों से मनाया जा रहा है और इस राजा वीर के मंदिर में जो भी व्यक्ति श्रद्धा भक्ति से आता है उसकी मनोकामना जरुर पूरी होती है खाली झोली लेकर आते हैं और भरी हुई झोली लेकर जाते हैं यहां से कोई भी आज तक खाली नहीं गया है, कहा जाता है कि राजा वीर के मंदिर बिलासपुर ,मुंगेली, रायगढ़ व भोपाल के अलावा देश भर में है .बड़ी संख्या में भक्तजन छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र से अलग-अलग शहरों से पहुंचे इस मेला उत्सव में शामिल हुए,
मेले के दूसरे दिन दोपहर 1:00 से बजे से शाम 5:00 बजे तक सिंधु भवन तोरवा में आम भंडारा का आयोजन किया गया व बड़ी संख्या में भक्तों ने समाधि स्थल पर माथा ,टेका व भंडारा ग्रहण किया रात्रि 8:30 बजे ब्रह्मकुमारी बहनों के द्वारा ज्ञान रूपी अमृत वर्षा की गई आज के इस आयोजन को सफल बनाने में राजा विक्रमादित्य मेला उत्सव समिति, पूज्य सिंधी पंचायत तोरवा के सभी सेवाधारियों का विशेष सहयोग रहा इस पूरे आयोजन को कवर करने के लिए हमर संगवारी से प्रधान संपादक विजय दुसेजा, छत्तीसगढ़ भास्कर की प्रधान संपादक प्रीति वधवा भी शामिल हुए.









