किरंदुल : राजेंद्र सक्सेना को विक्टोरिया यूनिवर्सिटी से मिली पीएचडी की उपाधि; बस्तर अंचल का बढ़ा मान

किरंदुल: दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल के लिए गौरव का विषय है कि नगर के निवासी राजेंद्र सक्सेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित ‘विक्टोरिया यूनिवर्सिटी’ द्वारा ‘डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी’ (PhD) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का परिणाम है, बल्कि पूरे बस्तर अंचल के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान है।

नोएडा में आयोजित भव्य समारोह में मिला सम्मान

राजेंद्र सक्सेना को यह पीएचडी उपाधि उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित 40वें इंटरनेशनल दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान की गई। उन्हें ‘लिटरेचर एवं ह्यूमैनिटीज’ (साहित्य एवं मानविकी) विषय में यह शोध उपाधि दी गई है। यह समारोह अत्यंत भव्य रहा, जिसमें देश-विदेश की कई नामचीन हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रतिष्ठित हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस दीक्षांत समारोह की शोभा कई दिग्गज व्यक्तित्वों ने बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. बीरेंन दबे (ICWC) उपस्थित रहे। इसके अलावा, विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. नंद कुमार झा, संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि (USA) डॉ. राम कृष्ण साह, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट राजेंद्र वर्मा, पूर्व आईएएस डॉ. गोपाल दास, एडवोकेट मोती प्रसाद, कुलपति संत डॉ. सौरभ पांडेय, प्रो. बृज गोपाल सिंह और एडवोकेट महेश नागर जैसे प्रबुद्धजन शामिल रहे। इन सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से राजेंद्र सक्सेना को पीएचडी की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।

क्षेत्र में हर्ष की लहर

विक्टोरिया यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया एवं भारत) से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करना एक कठिन और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। राजेंद्र सक्सेना की इस सफलता से किरंदुल सहित पूरे दंतेवाड़ा जिले में खुशी की लहर है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उनके मित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
यह उपलब्धि निश्चित रूप से क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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