रायगढ़ : ट्रांसपोर्ट कंपनी से 32 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, फर्जी बिल-वाउचर बनाकर कंपनी को पहुंचाई थी आर्थिक क्षति का आरोप

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत ट्रांसपोर्ट कंपनी से करीब 32 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में चार महीने से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को दरोगापारा क्षेत्र से पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर निकाली गई थी रकम

पुलिस के अनुसार, 24 मार्च 2026 को ढिमरापुर चौक स्थित श्रीराम ट्रांसपोर्ट के संचालक कमल किशोर शाह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर सितंबर 2025 से लगातार भुगतान प्राप्त किया और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से करीब 32 लाख रुपये की राशि का गबन किया।

जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान बिल-वाउचर में दर्ज वाहन नंबरों का परिवहन विभाग से सत्यापन कराया गया। जांच में कई वाहन नंबर दोपहिया और निजी वाहनों के पाए गए, जिनका माल परिवहन कार्य से कोई संबंध नहीं था। संबंधित वाहन स्वामियों ने भी ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए कोई परिवहन कार्य नहीं करने की जानकारी पुलिस को दी।

मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने पर दरोगापारा निवासी दीपक शर्मा (32) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर सह-आरोपी के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान कराने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि धोखाधड़ी से प्राप्त राशि विभिन्न खातों और डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित की जाती थी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

रायगढ़ पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और प्रकरण की विवेचना के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

एसएसपी का बयान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आम नागरिकों के विश्वास के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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