बिलासपुर रेंज में साइबर अपराधों पर नकेल: IG रामगोपाल गर्ग ने ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, सभी थानों को दिए पोर्टल पर रोजाना लॉगिन करने के निर्देश
बिलासपुर: बिलासपुर रेंज में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाने और पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत दिलाने के उद्देश्य से आईजी (IG) रामगोपाल गर्ग ने एक विशेष समीक्षा बैठक ली。 इस बैठक में रेंज के सभी साइबर थानों, साइबर सेल और संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया。 बैठक के दौरान लंबित शिकायतों, एफआईआर, बैंक खातों में होल्ड राशि और साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे डिजिटल संसाधनों की बिंदुवार समीक्षा की गई。
प्रमुख निर्देश और कार्ययोजना
- हर थाने को रोजाना करना होगा पोर्टल लॉगिन: आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल साइबर थाने ही नहीं, बल्कि रेंज के सभी सामान्य थाने भी नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर रोजाना लॉगिन करेंगे。 पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर त्वरित वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं。
- POS एजेंटों पर शिकंजा: फर्जी या संदिग्ध सिम कार्ड सक्रिय करने और बेचने वाले पीओएस (POS) एजेंटों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं。
- म्यूल अकाउंट्स पर कार्रवाई: पुलिस मुख्यालय से प्राप्त बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और जांजगीर जिलों के संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स की सूची पर तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है。
- पीड़ितों के होल्ड पैसे वापस दिलाने में तेजी: साइबर ठगी के मामलों में बैंकों द्वारा होल्ड की गई रकम को पीड़ितों के खाते में वापस लौटाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं。 धारा 106 और न्यायालयीन आदेश की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए, विशेष रूप से 15 दिन से अधिक पुराने बैंक होल्ड मामलों की समीक्षा कर राशि जल्द वापस दिलाने पर जोर दिया गया。
- डिजिटल माध्यम और नंबर होंगे ब्लॉक: साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस, व्हाट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट्स को प्राथमिकता के आधार पर ब्लॉक करने को कहा गया है, जिसकी मासिक रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी。
- समन्वय पोर्टल पर अपलोड होगा ब्योरा: साइबर ठगी के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों का पूरा ब्योरा, फिंगरप्रिंट और केस का स्टेटस ‘समन्वय पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा。 साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के लिए पंजीकृत वालंटियर्स का सत्यापन भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं。
आईजी रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए。 पुलिस का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना है, ताकि जनता को इसका त्वरित लाभ मिल सके。











