धनतेरस पर देशभर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार, दिल्ली में 20 हजार करोड़ की खरीदारी
सोने-चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद बाजारों में उमड़ी भीड़, कीमती धातुओं की बिक्री 60 हजार करोड़ रुपये पार रहने का अनुमान; आभूषणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों तक बाजार में दिखा उत्साह
नई दिल्ली। धनतेरस के अवसर पर देशभर के बाजारों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष धनतेरस पर देशभर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की संभावना जताई गई। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। राजधानी दिल्ली में भी करीब 20 हजार करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना जताई गई।
महंगे सोने के बावजूद खरीदारी में कमी नहीं
इस वर्ष सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर रहने के बावजूद ग्राहकों ने धनतेरस पर खरीदारी की परंपरा जारी रखी। बाजार में भारी आभूषणों की तुलना में हल्के वजन के गहनों की मांग अधिक देखने को मिली। खासकर 14 कैरेट और 18 कैरेट के सोने के आभूषण ग्राहकों की पसंद बने।
इसके अलावा चांदी के सिक्कों, पारंपरिक उपहारों और सजावटी वस्तुओं की भी अच्छी मांग रही। मछली, कछुए और हाथी की आकृति वाली शुभ वस्तुओं की खरीदारी में भी लोगों ने रुचि दिखाई।
सोने-चांदी का कारोबार 60 हजार करोड़ के पार रहने का अनुमान
CAIT के अनुसार, धनतेरस के दिन देशभर में कुल कारोबार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना थी। इसमें सोने और चांदी की बिक्री का योगदान 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रहने का अनुमान लगाया गया। ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों ने अपने बजट के अनुसार हल्के आभूषणों और छोटे निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दी।
रिपोर्ट के समय 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,41,840 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई थी। पिछले वर्ष की तुलना में सोने की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके बावजूद बाजार में खरीदारी का रुझान बना रहा।
दिल्ली में भी बाजारों में रही जबरदस्त रौनक
राजधानी दिल्ली के व्यापारिक बाजारों में धनतेरस पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली। आभूषणों के अलावा बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ऑटोमोबाइल, घरेलू उपकरण और उपहार सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारी हुई। दिल्ली में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान जताया गया।
हल्के आभूषण और चांदी के सिक्के बने पसंद
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के अनुसार, सोने की कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक अब कम वजन वाले आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं। चांदी के सिक्कों और सजावटी वस्तुओं की मांग भी बाजार में बनी हुई है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि त्योहारों पर खरीदारी को लेकर लोगों की पारंपरिक आस्था और उत्साह कायम है। हालांकि वास्तविक कारोबार के आंकड़ों का आकलन बिक्री के रुझान और विभिन्न बाजारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर किया जाना है।
त्योहारी खरीदारी से व्यापारिक गतिविधियों को मिली रफ्तार
धनतेरस पर हुई खरीदारी का असर केवल सराफा बाजार तक सीमित नहीं रहा। बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, कपड़े और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियां तेज रहीं। त्योहार के दौरान बढ़ी मांग से छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
धनतेरस पर बाजारों में दिखी रौनक ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था में त्योहारों और पारंपरिक खरीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।























































