
भिलाई। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर भिलाई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हरिओम इंगोट्स एंड पावर लिमिटेड के दफ्तर में जीएसटी विभाग की टीम ने अचानक दबिश दी। सोमवार को हुई इस कार्रवाई से कंपनी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मंगलवार को भी लगातार जारी है।
दो टीमों ने अलग-अलग गाड़ियों से दी दबिश
जानकारी के अनुसार, जीएसटी विभाग की दो अलग-अलग टीमें अलग-अलग वाहनों से कंपनी कार्यालय पहुंचीं और पहुंचते ही दफ्तर को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। कुल 7 जीएसटी अधिकारी कंपनी परिसर में दाखिल हुए और तुरंत दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
बिल, रिटर्न और इनवॉइस की गहन जांच
जीएसटी अधिकारियों ने कंपनी के
- बिल
- जीएसटी रिटर्न
- इनवॉइस
- अन्य वित्तीय रिकॉर्ड
की बारीकी से जांच शुरू की। दस्तावेजों की संख्या इतनी अधिक बताई जा रही है कि कार्रवाई एक दिन में पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से मंगलवार को भी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी टैक्स भुगतान, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और संभावित अनियमितताओं से जुड़े बिंदुओं पर विशेष फोकस कर रहे हैं।
जांच के बावजूद कंपनी का कामकाज जारी
कंपनी कर्मियों के अनुसार, जीएसटी की जांच के दौरान कंपनी का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा। अधिकारियों ने किसी भी तरह का कार्य बंद नहीं करवाया।
बताया जा रहा है कि कंपनी के मालिक फिलहाल शहर से बाहर हैं, लेकिन कर्मचारी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और मांगे गए सभी दस्तावेज अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विभाग की ओर से अब तक चुप्पी
मंगलवार को भी जीएसटी विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है। हालांकि, जीएसटी विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस रेड के पीछे की असली वजह और संभावित कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।



