
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी असमंजस को दूर करते हुए आम जनता के लिए राहत भरा फैसला लिया है। आयोग ने साफ किया है कि यह पूरी कवायद नागरिकों की सुविधा के लिए है, न कि उन्हें परेशान करने के लिए।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गंभीर बीमारों और दिव्यांगों को अब ईआरओ कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। आयोग ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए अब इन मतदाताओं को सीधे फोन करने का फैसला लिया है, ताकि उन्हें घर पर ही सुनवाई की सुविधा दी जा सके।
इसके अलावा, जो लोग नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे राज्य या विदेश में हैं, उन्हें भी व्यक्तिगत पेशी से छूट दी गई है। सैनिकों और सरकारी कर्मचारियों के मामले में उनके परिवार का कोई भी सदस्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से एक जमा कर प्रक्रिया पूरी कर सकता है, जिससे अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना या सुधारना बेहद आसान हो जाएगा।



