नारायणपुर में किसान–महतारी सम्मेलन संपन्न: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि विकास व महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में मंगलवार को आयोजित किसान–महतारी सम्मेलन का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिवत शुभारंभ किया। किसानों और महिला कृषकों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीक के प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस बड़े सम्मेलन में जिलेभर से किसान और महतारी समूह की महिलाएँ बड़ी संख्या में शामिल हुईं।


किसानों और महिला कृषकों से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री साय ने किसानों और महिला कृषकों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि—

  • कृषि में नई तकनीक अपनाने से उत्पादन बढ़ेगा
  • आधुनिक उपकरणों का उपयोग खेती को लाभकारी बनाएगा
  • महिला कृषकों की भूमिका कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं में है और महिला कृषकों को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा।


सरकारी योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में किसानों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया, जिनमें प्रमुख हैं—

  • फसल बीमा योजना
  • सहकारी कृषि ऋण
  • मंडी और भंडारण सुविधाएँ
  • तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण
  • विभिन्न इनपुट्स पर सब्सिडी

किसानों और महतारी समूहों ने सिंचाई विस्तार, कृषि बीमा सुधार और समय पर सब्सिडी वितरण को लेकर अपने सुझाव भी दिए। CM साय ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।


प्रशासन और विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी सहयोग का आश्वासन

कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और विशेषज्ञों ने किसानों को नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी सलाह और आधुनिक पद्धतियों से जुड़ी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देख किसानों में उत्साह दिखाई दिया।


सम्मेलन को बताया प्रेरणादायक

किसानों और महतारी समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नई दिशा और ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि—

“किसानों और महिला कृषकों का सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।”

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