IGKV के हॉस्टलों की जर्जर हालत पर उठे सवाल, दो दिनों में तीन हॉस्टलों से गिरा छज्जा और प्लास्टर

शिवम हॉस्टल में छात्र घायल, सत्यम और मंदाकिनी हॉस्टल में भी गिरे छज्जे के हिस्से; सभी 12 हॉस्टलों की जांच के निर्देश

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के छात्रावासों की जर्जर स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। बीते दो दिनों में शिवम, सत्यम और मंदाकिनी हॉस्टल में छज्जे और प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शुक्रवार देर रात शिवम हॉस्टल में छत का स्लैब गिरने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि शनिवार सुबह सत्यम और मंदाकिनी हॉस्टल में भी प्लास्टर गिरने की घटनाएं हुईं। हालांकि इन दोनों घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात शिवम हॉस्टल के एक कमरे की छत का हिस्सा गिर गया। कमरे में सो रहे चार छात्रों में से नीरज नामक छात्र के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसके सिर में चार टांके लगाए।

लगातार हो रही घटनाओं से छात्र भयभीत हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्रावासों की छतों और दीवारों में दरारें हैं तथा कई जगहों से प्लास्टर उखड़ रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

घटना के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव महताब हुसैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुलपति की गाड़ी के सामने लेटकर छात्रावासों की जर्जर स्थिति पर नाराजगी जताई और तत्काल मरम्मत की मांग की।

मामले पर कुलपति जी. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी 12 छात्रावासों की जांच कराई जा रही है। जहां भी मरम्मत की आवश्यकता होगी, वहां तत्काल कार्य कराया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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