
वॉशिंगटन/नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास और कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में एक व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement – BTA) संपन्न करना है।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट में कहा गया है कि दोनों देश सेवाओं, निवेश, श्रम और सरकारी खरीद जैसे शेष मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे।
फैक्टशीट में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव
हाल ही में जारी अपडेटेड फैक्टशीट में कुछ अहम संशोधन किए गए हैं:
🔹 दालों का जिक्र हटाया गया
पहले के दस्तावेज में उल्लेख था कि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य एवं कृषि उत्पादों—जैसे सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स—पर टैरिफ खत्म या कम करेगा।
हालांकि, संशोधित दस्तावेज में दालों का उल्लेख हटा दिया गया है।
🔹 ‘प्रतिबद्ध’ से ‘इरादा’ तक
पूर्व दस्तावेज में कहा गया था कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद के लिए “प्रतिबद्ध” है।
नए संस्करण में “प्रतिबद्ध” शब्द को बदलकर “इरादा” (Intent) कर दिया गया है, जो भाषा में नरमी का संकेत देता है।
🔹 डिजिटल सर्विस टैक्स पर बदली भाषा
पहले की फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अपना डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) हटा देगा और डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल नियमों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपडेटेड दस्तावेज में DST हटाने का सीधा उल्लेख हटा दिया गया है। अब केवल यह कहा गया है कि भारत डिजिटल ट्रेड से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए मजबूत द्विपक्षीय नियमों पर बातचीत करने को प्रतिबद्ध है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा में यह बदलाव वार्ता प्रक्रिया को लचीला बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं, और यह अंतरिम समझौता व्यापक BTA की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, तकनीक, कृषि और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा कर सकता है।




