
नई दिल्ली/रायपुर आपकी आवाज : केन्द्र की भाजपा की सरकार ने नक्सल एवं आतंकवाद को लेकर गंभीर एवं सजग है जिसका परिणाम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बखूबी देखा जा सकता है कुछ महिनों मेँ ध्यान दिया जाए तो आए दिन बड़े-बड़े नक्सली मारे जा रहे हैं या फिर आत्मसमर्पण करते जा रहे है अब आतंकवाद को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने गंभीरता दिखाते हुए केंद्रीय एजेंटीयों को अलर्ट मोड पर डाला है वही जानकारी यह भी मिल रही है कि आतंकवाद पर जोरदार प्रहार करने की तैयारी की जा रही है गृह मंत्रालय के अधीन भारत की एंटी-टेरर एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की ओर से तैयार इस डेटाबेस का उद्घाटन किया। यह डेटाबेस आज देश को समर्पित किया गया, जिसके लिए गृह मंत्री NIA की ओर से आयोजित दो दिवसीय एंटी-टेरर कॉन्फ्रेंस 2025 के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए।
नए डेटाबेस को राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) से लूटी गई, चोरी हुई, खोई हुई या बरामद सरकारी हथियारों का रिकॉर्ड शामिल करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पूरे देश की सभी राज्य पुलिस बलों, अर्धसैनिक इकाइयों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि यह डेटाबेस सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी को शामिल करता है।
कितना कारगर है यह डाटाबेस
सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘यह डेटाबेस पुलिस और जांच एजेंसियों को हथियारों की बनावट और बरामदगी पैटर्न का पता लगाने में मदद करेगा, जिससे आपराधिक और आतंक-संबंधी जांच मजबूत होगी।’ अधिकारियों ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में अवैध हथियारों का पता लगाना जरूरी है। यह डेटाबेस एजेंसियों को विस्तार से जांच करने, आपराधिक नेटवर्क को पहचानने और हथियारों को आतंकवादी कृत्यों या हिंसक अपराधों में इस्तेमाल होने से रोकने में मददगार होगा।
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