बजट सत्र…घेरेबंदी की तैयारी! कौन किस पर पेड़ेगा भारी?

रायपुर: बीजेपी की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश दो दिनों के रायपुर दौरे पर हैं। अगले साल चुनाव है और ताबड़तोड़ दौरे का सीधा मतलब मिशन 2023 की तैयारी है। एक तरफ पार्टी की जमीन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है, तो दूसरी और सरकार पर हमला करने की रणनीति अपनाई जा रही है। ऐसे में जब आगामी 7 मार्च से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है, तो पुरंदेश्वरी के दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं। रायपुर पहुंचते ही डी पुरंदेश्वरी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा विधानसभा में सरकार से सवाल करेगी। हालांकि सरकार की तरफ से माकूल जवाब आया और कहा गया कि भाजपा के जितने सवाल हो, सरकार जवाब देने को तैयार है।

करीब एक पखवाड़े के भीतर बीजेपी की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी दूसरी बार छत्तीसगढ़ दौरे पर आई हैं। इससे पहले 20 फरवरी को तीन दिन के बस्तर दौरे पर पर रहीं पुरंदेश्वरी बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर समेत पांच आदिवासी जिलों में पार्टी की जमीनी हालात को जानने और आदिवासी वोटों को साधने की कोशिश कर चुकी हैं और अब वो दो दिनों तक रायपुर में विधायक, सांसद के अलावा संगठन के प्रदेश महामंत्री समेत कोर कमेटी के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करने जा रही हैं। बजट सत्र से पहले पुरंदेश्वरी का दौरा काफी अहम माना जा रहा है। बीजेपी की रणनीति एक ओर अपनी खोई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की है। वहीं सरकार पर हमलावर होकर उसे घेरने की भी है। इसीलिए रायपुर पहुंचते ही डी पुरंदेश्वरी ने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राज्य की सरकार ने जनता को नजरअंदाज कर रही है, लिहाजा बीजेपी विधायक विधानसभा में सरकार को घेरेगे।

डी पुरंदेश्वरी के बयान से साफ है कि आगामी विधानसभा सत्र हंगामेदार होने वाली है। बीजेपी अपने तरकस में आरोपों के तीर जुटा रही है। इसमें धान, किसान, नशा, अपराध, धर्मांतरण और माफियाराज जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है। हालांकि सरकार भी अपनी तैयारी को लेकर आश्वस्त है। धान और किसान के मुद्दे पर उसके पास माकूल जवाब है वहीं, बाकी मुद्दों पर बीजेपी शासन काल के आंकड़े के जरिए ही जवाब देने की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा सत्र 7 मार्च से शुरू होने जा रहा है और उससे ठीक दो दिन पहले डी पुरंदेश्वरी का ऐलान बता रहा है कि विधानसभा सत्र काफी हंगामेदार होगा। बीजेपी आर-पार की लड़ाई के मूड में है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष भी विपक्ष के हर मुद्दों पर जवाब देने की तैयारी में है। अब सवाल ये है कि कौन किसपर भारी पड़ता है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button