
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के साथ अब उनकी जांच और परीक्षण की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में भिलाई और नया रायपुर में दो लैब संचालित हैं, जहां नए और पुराने दोनों तरह के मीटरों की टेस्टिंग होती है। लेकिन बढ़ते काम के बोझ को देखते हुए अब रायपुर और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी द्वारा दो नए आधुनिक लैब तैयार किए जा रहे हैं। दोनों लैब का काम अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें शुरू कर दिया जाएगा।
नया रायपुर और भिलाई में पहले से उपलब्ध सुविधाएं
छह महीने पहले नया रायपुर में केंद्र सरकार की सीपीआरआई (CPRI) लैब शुरू की गई थी, जिसमें स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच की सुविधा मौजूद है। वहीं भिलाई की पुरानी लैब में पहले पारंपरिक मीटरों की जांच की जाती थी, लेकिन अब वहाँ स्मार्ट मीटर टेस्टिंग भी संभव हो गई है।
हालांकि यहाँ पूरे प्रदेश से मीटर आने के कारण जांच में अधिक समय लगता था।
पहले भोपाल भेजने पड़ते थे मीटर
जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी संबंधित लैब मौजूद नहीं थी। ऐसे में टाटा और जीनस जैसी कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले मीटरों की टेस्टिंग भोपाल में करानी पड़ती थी।
मीटर खराब होने या उनमें त्रुटि की शिकायत आने पर भी उनका परीक्षण भोपाल भेजकर ही कराया जाता था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाते थे।
रायपुर और बिलासपुर में नई लैब से मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर के गुढ़ियारी और बिलासपुर के तिफरा में बन रही नई लैब शुरू होने के बाद प्रदेश में मीटर टेस्टिंग की क्षमता चार गुना बढ़ जाएगी। इससे—
- मीटर जांच में लगने वाला समय कम होगा
- जिलों के अनुसार जांच का बोझ विभाजित होगा
- प्रदेश के सभी संभागों में तेज़ सेवा उपलब्ध होगी
जांच का नया ज़ोनल विभाजन
- बिलासपुर लैब: बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों की मीटर जांच
- रायपुर लैब: रायपुर और बस्तर संभाग के मीटर
- भिलाई लैब: दुर्ग संभाग के मीटर
- नया रायपुर (CPRI) लैब: उच्च स्तरीय तकनीकी परीक्षण
पॉवर कंपनी के अनुसार दोनों नए लैब जल्द ही शुरू कर दिए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट मीटरों की निगरानी और परीक्षण की व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी।




