
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए अब हवाई सफर का विकल्प सामने आ सकता है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने एयर टैक्सी कॉरिडोर का प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत सेंट्रल दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच पायलट एयर मोबिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा।
योजना की मुख्य बातें
तकनीक: इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान का इस्तेमाल।
लाभ: सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम का सफर 12 मिनट में पूरा, सड़क मार्ग पर 1–1.5 घंटे लगते हैं।
अन्य रूट: कनॉट प्लेस से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सफर 20 मिनट में पूरा, सड़क से 2–3 घंटे।
आपातकालीन सेवाओं में मदद: मेडिकल इमरजेंसी में एयर टैक्सी मरीजों को जल्दी अस्पताल पहुंचाएगी, बड़े अस्पतालों की छतों पर वर्टीपोर्ट बनाए जाएंगे।
भविष्य की योजनाएं
यदि दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी मॉडल सफल होता है, तो मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में इसे लागू किया जा सकता है।
चुनौतियां
दिल्ली के कई हाई-सिक्योरिटी ज़ोन जैसे लुटियंस जोन, कैंट एरिया और IGI एयरपोर्ट के ऊपर उड़ान प्रतिबंधित।
DGCA को नए रूट, सुरक्षा मानक, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी इवैक्यूएशन नियम तैयार करने होंगे।




