
संदिग्ध कोचियों-बिचौलियों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश
रायगढ़, 3 जनवरी 2026। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी, संवेदनशील और व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर जिला कलेक्ट्रेट स्थित सृजन कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में धान खरीदी व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा कर रहे थे। बैठक में समितिवार अब तक हुई धान खरीदी, बारदाना की उपलब्धता, पीडीएस बारदाना का उपयोग, टोकन की स्थिति, धान विक्रय कर चुके किसानों की संख्या, मिलर्स द्वारा धान उठाव, भौतिक सत्यापन, रकबा समर्पण तथा संदिग्ध कोचियों और बिचौलियों पर की जा रही कार्रवाई जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई।
अनावरी नहीं, भौतिक सत्यापन ही आधार
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी पूर्णतः भौतिक सत्यापन के आधार पर की जा रही है। कुछ स्थानों पर अनावरी को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र में किसानों से केवल भौतिक सत्यापन के पश्चात ही धान खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी वास्तविक किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में उपार्जन केंद्रों पर किसानों की संख्या और धान की आवक में वृद्धि होगी। ऐसे में पात्र किसानों के साथ पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए कार्य किया जाए, वहीं अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों को सख्ती से रोका जाए।
5 एकड़ वाले किसानों और 7 जनवरी बाद के टोकन का अनिवार्य सत्यापन
कलेक्टर ने 5 एकड़ वाले किसानों तथा 7 जनवरी के बाद जारी किए गए धान विक्रय टोकनों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजबूत और सटीक सत्यापन से ही धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर केवल मानक गुणवत्ता का धान ही खरीदा जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। नोडल अधिकारियों को माइक्रो-लेवल मॉनिटरिंग करते हुए सत्यापित टोकनों के आधार पर ही धान खरीदी सुनिश्चित करने तथा 31 जनवरी तक आने वाले धान का औसत निकालते हुए प्रतिदिन की खरीदी करने को कहा गया।
पीडीएस बारदाना और धान उठाव पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों को पीडीएस बारदाना के अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए तथा डीएमओ को 7 जनवरी तक सभी समितियों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में जाम की स्थिति से बचने के लिए धान की व्यवस्थित स्टैकिंग पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने दूरस्थ उपार्जन केंद्रों और बफर लिमिट पार कर चुके केंद्रों से प्राथमिकता के आधार पर धान उठाव कराने के निर्देश दिए। मिलर्स को उनकी क्षमता के अनुरूप धान उठाने तथा अधिक उठाव के लिए आवश्यक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति
कलेक्टर ने भौतिक सत्यापन के दौरान कृषि विभाग के आरआईओ की उपार्जन केंद्रों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही भविष्य में धान विक्रय न करने वाले किसानों के रकबा समर्पण की कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला खाद्य अधिकारी, डीएमओ, उप आयुक्त सहकारिता, नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक, राजस्व अधिकारी एवं धान खरीदी से जुड़े विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




