पटवारी का अजब कारनामा: किसान से धोखे से पर्ची को मांगकर, दूसरे के नाम पर चढ़ा दी 65 डिसमिल जमीन  

बलौदाबाजार,
फागुलाल रात्रे, लवन।
एक तरफ शासन-प्रशासन के द्वारा बेघर व गरीब लोगों को जमीन उपलब्ध कराकर मकान बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वही, दूसरी तरफ पटवारी के द्वारा ही बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है। मामला है लवन तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ग्राम सरखोर का। जहां लवन तहसील क्षेत्र के एक पटवारी के द्वारा एक किसान से ऋण पुस्तिका को मांगकर दूसरे के नाम पर चढ़ा देने का मामला सामने आया है। किसान उक्त मामले की शिकायत जनचौपाल व लवन तहसील आफिस में किया है। इसके पहले भी कलेक्टर के पास शिकायत कर चूका है। शिकायत पर न्याय नहीं मिलने पर एक बार पुनः कलेक्टर जन चौपाल में शिकायत किया गया है।  किसान का मांग है कि उनके दो खसरा नम्बर की 65 डिसमिल भूमि को पटवारी के द्वारा ही छेड़छाड़ कर दूसरे के नाम पर चढ़ाया गया है। फर्जी किये हुए जमीन को वापस अपने नाम पर करने की मांग शिकायतकर्ता के द्वारा तहसील व जनचौपाल में किया गया है।
शिकायतकर्ता बसंत कुमार पिता चैतराम ग्राम सरखोर निवासी ने पटवारी बृहस्पति प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शिकायतकर्ता की ऋण पुस्तिका क्रमांक पी 2693285 जारी था। जिसमें खसरा नम्बर 1768/1 रकबा 0.129 तथा 1768/2 0.134 हे0 की भूमि राजस्व रिकार्ड में भी दर्ज था। जिसे पटवारी प्रधान द्वारा शिकायतकर्ता किसान के पुराने ऋण पुस्तिका को अपने पास मांगकर जबरदस्ती पूर्वक रख लिया था और शिकायतकर्ता बसंत को नया ऋण पुस्तिका पी 2696530 को जारी कर उक्त दोनो खसरा नम्बर की भूमि को काटकर उल्लेख नहीं किया गया। जिसके बाद शिकायकर्ता ने पटवारी के पास जाकर चर्चा किया तो शिकायकर्ता को पटवारी प्रधान के द्वारा जानकारी देने के बजाय तुझे जो करना है कर लो, जिसके पास जाना है जाओ, मैं किसी को नहीं डरता जैसे शब्दों से पीडि़त किसान को अपमानित कर पटवारी कार्यालय से भगा दिया गया। यहां तक की पटवारी के द्वारा तुमको मरना है तो मर जाओं कहकर कड़ी शब्दों में निंदाकर अपमानित किया गया। पीडि़त किसान ने अपने शिकायत में बताया कि पटवारी प्रधान के द्वारा रजिस्ट्री शुदा स्टाम्प पेपर पर भी लाल स्याही से काट छाॅट कर खसरा नम्बर 1768/1 व 1768/2 को गोल घेरा कर छेड़छाड़ किया गया। पीडि़त किसान ने यह भी बताया कि वह अपने जमीन को न तो किसी को बेचा है, और न ही गिरवी रखा गया है। पटवारी प्रधान की वजह से मैं उक्त जमीन को लेकर पिछले तीन साल से न्यायालय की चक्कर काटने को मजबूर हो गया हूूॅू। पीडि़त किसान ने अपने दिये हुए शिकायत में कहा है कि एक सप्ताह के भीतर पटवारी बृहस्पति प्रधान पर कार्यवाही नहीं हुआ तो कलेक्टर कार्यालय में अपने पूरे परिवार सहित पहुंचकर आत्मदाह करूंगा, जिसका सम्पूर्ण जवाबदार शासन प्रशासन रहेगा।
क्या कहते है पटवारी
शिकायतकर्ता का शिकायत गलत  है, उसके पास दाऊ, बनिया से क्रय संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं है। उसके द्वारा आज तक न्यायालय के समक्ष कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया गया है। उक्त प्रकरण के संबंध में अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के पास आवेदन कर चूका है। इसके पहले भी कलेक्टर के पास शिकायत किया जा चूका है, जिसमें चांच भी पूरा हो चूका है।
बृहस्पति प्रधान, पटवारी
हल्का नंबर 31, तहसील लवन
क्या कहते है तहसीलदार
शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ है, जांच उपरांत ही कुछ बता पाऊंगा।
सौरभ चौरसिया, तहसीलदार
तहसील कार्यालय लवन

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