एनटीपीसी तलईपल्ली अब भेज सकेगा देश भर में अपना कोयला; कोयला प्रणाली की तरफ बड़ी पहल

घरघोड़ा: एनटीपीसी तलईपल्ली ने अपनी कोयला परिवहन प्रणाली को मज़बूत और बेहतर बनाने के लिए कुछ अहम कदम उठाये हैं। हाल ही में, एनटीपीसी तलईपल्ली ने अपने एमजीआर (मैरी-गो राउंड) नेटवर्क को, भारतीय रेल के नेटवर्क से जोड़ लिया है। एनटीपीसी तलईपल्ली और भारतीय रेल के इस सहयोगी प्रयास के बाद एनटीपीसी तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना अपने कोयले की रेकों को देश में जगह-जगह स्थित एनटीपीसी थर्मल पावर स्टेशंस में भेजने के लिए सक्षम बन गयी है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने, 24 मार्च को, एक अधिसूचना जारी कर एनटीपीसी तलईपल्ली के एमजीआर नेटवर्क और भारतीय रेल के नेटवर्क के मेल को आधिकारिक रूप दे दिया है। एनटीपीसी तलईपल्ली का एमजीआर नेटवर्क, परियोजना के सबसे मुख्य कार्यों में से एक है। इसका निर्माण लारा में स्थित सुपर थर्मल पावर प्लांट में कोयला पहुंचाने के लिए किया गया है। इस के आलावा, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी यह एक सकारात्मक कदम है। हालांकि लारा में कोयला निरंतर आगे भी पहुंचाया जाएगा, लेकिन इस अधिसूची के बाद, एनटीपीसी तलईपल्ली ज़रुरत पड़ने पर, देश के किसी भी कोने में अपना कोयला पहुंचा सकेगी।

इसी के साथ-साथ, एनटीपीसी तलईपल्ली के लोडिंग पॉइन्ट को गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल योजना के अंतर्गत निजी साइडिंग की श्रेणी में डाल दिया गया है। एनटीपीसी तलईपल्ली अब स्वतंत्रता से खदानों से निकले कोयले को रेकों में लोड कर सकेगा और बिना किसी रुकावट, ज़रुरत के हिसाब से कोयला भेज भी सकेगा। देश में पनप रहे कोयला संकट से लड़ने में एनटीपीसी तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना की एक बहुत अहम भूमिका है। अब भारतीय रेल के इस कदम के बाद, एनटीपीसी तलईपल्ली परियोजना का कोयला परिवहन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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