
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के नगर पालिक निगम बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव की माता के देहांत हो गया है. परिवार के प्रति शोक संवेदना जताने उनके आवास पर मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत पहुंचे. करीब एक घण्टे उनके रुकने के बाद महंत आगे के लिए रवाना हो गए. रवाना होने से पहले एक बार फिर महंत ने कुछ मुद्दों पर बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं के बाजार को गर्म कर दिया है. महापौर रामशरण यादव के आवास में मीडिया से बातचीत करते हुए महंत एक बड़ा बयान दे डाला.
विधानसभा अध्यक्ष महंत ने कहा कि मरने से पहले उनकी अंतिम इच्छा है कि वे राज्यसभा जाएं. उन्होंने कहा कि मरने से पहले मेरी अंतिम इच्छा है कि मैं एक बार राज्यसभा जरूर जांऊ. हालांकि उन्होंने कहा कि ये निर्णय हाईकमान को लेना होता है. लेकिन मेरी इच्छा अब इतनी जरूर है कि मैं एक बार राज्यसभा में जाऊं. अपनी यात्रा के विषय में महंत ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि मैं कोरबा से आ रहा हूं. सभी जानते है कि मैं नवरात्रि में प्रदेश भर के देवी मंदिरों के दर्शन के लिए जाता हूं. चूंकि रामशरण मेरे मित्र हैं और उनके परिवार में हाल ही में दु:ख हुआ है. उस लिहाज से मैं मिलने आया हूं.
विधानसभा के सत्र पर दिया जवाब
महंत से पूछा गया कि विपक्ष हमेशा से ये सवाल करता रहा है कि विधानसभा का सत्र काफी छोटा होता है. इसके जबाव में महंत ने कहा कि ये सवाल भी उठना चाहिए कि भले ही कम सत्र हुए हो, लेकिन कोरोना काल मे जितने सत्र हुए हैं, उतने किसी प्रदेश में नही हुए हैं. महंत ने विपक्ष की बात का समर्थन करते हुए कहा कि मैं भी मानता हूं कि ज्यादा ज्यादा सत्र होने चाहिएं, लेकिन कुछ मजबूरियां राज्य सरकार की रहती हैं कि समय के पहले सत्रावसान हो जाता है. महंत ने एक सवाल का जवाव देते हुए स्पष्ट किया कि भले ही विपक्ष संख्या में छोटा है, लेकिन उन्हें मैं सदन में पर्याप्त समय देता हूं. जिस वजह से मेरे लोग, सत्ता पक्ष के लोग मुझसे नाराज भी हो जाते हैं, लेकिन मेरा सिद्धांत है कि मैं सभी को बराबर देखता हूं. न काहू से दोस्ती न काहू से बैर के सिद्धन्त पर मैं काम करता हूं.




