
रायगढ़। जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जर्जर हो चुके 100 बिस्तर वाले सेठ किरोड़ीमल शासकीय चिकित्सालय को अब 300 बिस्तरों के अत्याधुनिक अस्पताल में विकसित किया जाएगा। स्थानीय विधायक ओपी चौधरी की पहल पर इस उन्नयन के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
बढ़ते औद्योगिकीकरण और जनसंख्या के दबाव को देखते हुए जिला अस्पताल के विस्तार की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पुराने भवन की जर्जर स्थिति और सीमित बिस्तरों के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में अस्पताल को 300 बिस्तरों में उन्नत करने का निर्णय जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
258 नए पद स्वीकृत
अस्पताल के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कुल 258 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद शामिल हैं—
- 1 वरिष्ठ विशेषज्ञ सह अधीक्षक
- 4 मेडिकल विशेषज्ञ
- 4 सर्जिकल विशेषज्ञ
- 6 स्त्रीरोग विशेषज्ञ
- 5 शिशुरोग विशेषज्ञ
- 4 निश्चेतना विशेषज्ञ
- 2 पैथोलॉजिस्ट
- 2 ईएनटी विशेषज्ञ
- 2 मनोरोग विशेषज्ञ
- 2 नेत्र रोग विशेषज्ञ
- 2 अस्थिरोग विशेषज्ञ
- 2 रेडियोलॉजिस्ट
- 1 फॉरेंसिक विशेषज्ञ
- 1 डर्मेटोलॉजिस्ट
- 3 दंत चिकित्सक (एमडीएस)
- 2 दंत चिकित्सक (बीडीएस)
- 41 चिकित्सा अधिकारी
- 65 स्टाफ नर्स
- 10 मेडिकल लैब टेक्नीशियन
- 5 फार्मासिस्ट
- 18 वार्ड बॉय, 9 आया
- ओटी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, ड्रेसर, एम्बुलेंस चालक सहित अन्य तकनीकी व लिपिकीय पद
इन सभी पदों के वेतन के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
ट्रामा केयर यूनिट का भी निर्माण
योजना के तहत 3 बिस्तरों की ट्रामा केयर यूनिट का निर्माण भी किया जाएगा। भवन निर्माण एवं अन्य कार्यों की कुल अनुमानित लागत 40 करोड़ रुपये है।
साथ ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत 5000 लाख रुपये का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
जिला अस्पताल के इस उन्नयन को रायगढ़वासियों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।




