
रायपुर. कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, मगर हैरानी की बात हैं की धान और किसान के नाम पर सियासत अनलिमिडेट होती है. हर राजनीति दल अपने आप को किसानों का हितौषी तो बताती है, मगर धरातल पर किसानों की समस्या कमोबेश जस की तस बनी रहती है. ताजा मामला खाद की कमी का है. खाद को लेकर केन्द्र बनाम राज्य और बीजेपी बनाम कांग्रेस की जंग के बाद बीजेपी धरालत पर उतकर सरकार का विरोध करने की तैयारी कर रही है.
बीजेपी किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि बीजेपी प्रदेश के सभी 90 विधानसभा में जाकर सरकार के खिलाफ मोर्च खोलने की तैयारी कर रही है. गौरीशंकर का कहना है कि यह सरकार किसान विरोधी सरकार है. किसानों के साथ सरकार धोखा कर रही है. खाद की कालाबाजारी को बढ़ाने खाद की कमी बताई जा रही है. बता दें कि मानसून के साथ ही खेतों में बुआई का काम शुरू हो गया है, लेकिन कई जगहों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है. इसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कांग्रेस ने केन्द्र को बताया जिम्मेदार
खाद की कमी को लेकर एक तरफ बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का पलटवार करते हुए खाद की कमी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बता रही है. छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी कहना है कि केन्द्र सरकार जानबूझ कर छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है. डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं होने की वजह से खाद की कुछ कमी आ रही है. बहरहाल छत्तीसगढ़ में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है. खेती-किसानी काम तेजी से किया जा रहा है. ऐसे में किसानों को खाद की समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ रहा है. इसको लेकर प्रदेश में सियासत तेज है.



